A worshipper who abandoning the scriptural injunctions behaves arbitrarily, neither attains siddhi, nor the ultimate goal i.e. complete salvation and nor happiness.
Sant Rampal Ji Maharaj
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गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में बताया है पितरों को पूजने वाले पितरों को प्राप्त होते हैं जबकि हिंदू धर्म के लोग पितरों की पूजा करते हैं और करवाते हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
गीता अध्याय 9 श्लोक 25 में बताया है पितरों को पूजने वाले पितरों को प्राप्त होते हैं जबकि हिंदू धर्म के लोग पितरों की पूजा करते हैं और करवाते हैं।
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हिंदू धर्म में ब्रह्मा विष्णु शिव से ऊपर कोई भगवान नही मानते जबकि ब्रह्मा विष्णु शिव एक ब्रह्मांड के तीन लोक के स्वामी हैं, इनके पिता ब्रह्म (ज्योति निरंजन) 21 ब्रह्मांड के स्वामी हैं, परब्रह्म सात शंख ब्रह्मांड के स्वामी है,पूर्ण ब्रह्म असंख्य ब्रह्मांड के स्वामी है।
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हिंदू धर्म में ब्रह्मा विष्णु शिव से ऊपर कोई भगवान नही मानते जबकि ब्रह्मा विष्णु शिव एक ब्रह्मांड के तीन लोक के स्वामी हैं, इनके पिता ब्रह्म (ज्योति निरंजन) 21 ब्रह्मांड के स्वामी हैं, परब्रह्म सात शंख ब्रह्मांड के स्वामी है,पूर्ण ब्रह्म असंख्य ब्रह्मांड के स्वामी है।
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पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
हिंदुओं के साथ हुआ धोखा
हिन्दू समाज का मानना है कि तीनों देवताओं कभी मरते नहीं हैं। इनका जन्म भी नहीं हुआ है, ये स्वयंभू हैं।
पेश है सच्चाई
प्रमाण:- गीताप्रैस गोरखपुर से प्रकाशित श्रीमद् देवीभागवत पुराण जिसके सम्पादक हैं श्री हनुमान प्रसाद पौद्दार चिमन लाल गोस्वामी, तीसरा स्कंद, अध्याय 5 पृष्ठ 123 पर ब्रह्मा जी, विष्णु
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पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
हिंदुओं के साथ हुआ धोखा
हिन्दू समाज का मानना है कि तीनों देवताओं कभी मरते नहीं हैं। इनका जन्म भी नहीं हुआ है, ये स्वयंभू हैं।
पेश है सच्चाई
प्रमाण:- गीताप्रैस गोरखपुर से प्रकाशित श्रीमद् देवीभागवत पुराण जिसके सम्पादक हैं श्री हनुमान प्रसाद पौद्दार चिमन लाल गोस्वामी, तीसरा स्कंद, अध्याय 5 पृष्ठ 123 पर ब्रह्मा जी, विष्णु
पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
क्या श्री कृष्ण से अन्य कोई परमेश्वर है?
गीता जी अध्याय 15 श्लोक 17 में है कि अविनाशी व सबका धारण-पोषण करने वाला व पुरूषोत्तम परमात्मा तो गीता ज्ञान देने वाले से अन्य ही बताया है।
हिन्दू समाज गीता को शिरोधार्य मानता है। और गीता ज्ञान दाता स्वयं स्वीकार करता है कि उस एक परमेश्वर की शरण में जाओ
पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
क्या श्री कृष्ण से अन्य कोई परमेश्वर है?
गीता जी अध्याय 15 श्लोक 17 में है कि अविनाशी व सबका धारण-पोषण करने वाला व पुरूषोत्तम परमात्मा तो गीता ज्ञान देने वाले से अन्य ही बताया है।
हिन्दू समाज गीता को शिरोधार्य मानता है। और गीता ज्ञान दाता स्वयं स्वीकार करता है कि उस एक परमेश्वर की शरण में जाओ
पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
वेदों के विपरीत भक्ति कर्म
पवित्र हिन्दू समाज में चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद) का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। माना जाता है कि वेदों में परमेश्वर की पूजा व साधना का सर्वोत्तम ज्ञान है। आश्चर्य की बात है कि 80% हिन्दू समाज वेदों के विपरीत भक्ति कर्म करते हैं तथा 80% हिन्दुओं ने वेदों की शक्ल भी नहीं देखी है।
पवित्र हिन्दू शास्त्र VS हिन्दू
वेदों के विपरीत भक्ति कर्म
पवित्र हिन्दू समाज में चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद) का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। माना जाता है कि वेदों में परमेश्वर की पूजा व साधना का सर्वोत्तम ज्ञान है। आश्चर्य की बात है कि 80% हिन्दू समाज वेदों के विपरीत भक्ति कर्म करते हैं तथा 80% हिन्दुओं ने वेदों की शक्ल भी नहीं देखी है।
ओम् नाम किसका है?
प्रश्न:- यह कहाँ प्रमाण है कि ‘‘ओम् नाम का जाप करने वाले ब्रह्मलोक में जाते हैं और ब्रह्म भी ब्रह्मलोक में रहता है?
उत्तर:- श्री देवी महापुराण के सातवें स्कंद के अध्याय 36 में श्री देवी जी ने राजा हिमालय से कहा कि हे राजन्! और बातें छोड़कर यानि और सबकी भक्ति छोड़कर केवल ओम् नाम का स्मरण कर, जिसके स्मरण से तू ब्रह्म को प्राप्त हो जाएगा
ओम् नाम किसका है?
प्रश्न:- यह कहाँ प्रमाण है कि ‘‘ओम् नाम का जाप करने वाले ब्रह्मलोक में जाते हैं और ब्रह्म भी ब्रह्मलोक में रहता है?
उत्तर:- श्री देवी महापुराण के सातवें स्कंद के अध्याय 36 में श्री देवी जी ने राजा हिमालय से कहा कि हे राजन्! और बातें छोड़कर यानि और सबकी भक्ति छोड़कर केवल ओम् नाम का स्मरण कर, जिसके स्मरण से तू ब्रह्म को प्राप्त हो जाएगा