By: Fazal Rahman on Monday, May 25, 2026
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By: Gopi on Saturday, January 3, 2026
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Bengaluru, Jan 3 (IANS) Devkinandan Thakur, spiritual leader and renowned 'Kathavachak', whose questioning of a Bangladeshi player in the Shah Rukh Khan-led franchisee in the Indian Premier League (IPL)…
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New Delhi, Jan 2 (IANS) Renowned ‘Kathavachak’ Devkinandan Thakur on Friday criticised Bollywood actor Shah Rukh Khan after his Indian Premier League (IPL) franchise, Kolkata…
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Tags: Ahir Akhilesh Yadav Bakewar Caste Etawah Etawah district Police Samajwadi Party Uttar Pradesh Yadav
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अनिरुद्धाचार्य जी ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी की पूजा को सर्वोपरि मानते हैं। गीता अध्याय 7 श्लोक 20-23 में है कि जो इच्छाओं के कारण देवताओं की पूजा करते हैं, वे अल्प बुद्धि वाले हैं, उन्हें केवल क्षणिक फल प्राप्त होते हैं।
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि त्रिदेवों की पूजा से मोक्ष नहीं मिलता। तीन देव की जो करते भक्ति, उनकी कदे न होय मुक्ति।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य जी ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी की पूजा को सर्वोपरि मानते हैं। गीता अध्याय 7 श्लोक 20-23 में है कि जो इच्छाओं के कारण देवताओं की पूजा करते हैं, वे अल्प बुद्धि वाले हैं, उन्हें केवल क्षणिक फल प्राप्त होते हैं।
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि त्रिदेवों की पूजा से मोक्ष नहीं मिलता। तीन देव की जो करते भक्ति, उनकी कदे न होय मुक्ति।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य जी ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी की पूजा को सर्वोपरि मानते हैं। गीता अध्याय 7 श्लोक 20-23 में है कि जो इच्छाओं के कारण देवताओं की पूजा करते हैं, वे अल्प बुद्धि वाले हैं, उन्हें केवल क्षणिक फल प्राप्त होते हैं।
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि त्रिदेवों की पूजा से मोक्ष नहीं मिलता। तीन देव की जो करते भक्ति, उनकी कदे न होय मुक्ति।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य जी ब्रह्मा जी, विष्णु जी, शिव जी की पूजा को सर्वोपरि मानते हैं। गीता अध्याय 7 श्लोक 20-23 में है कि जो इच्छाओं के कारण देवताओं की पूजा करते हैं, वे अल्प बुद्धि वाले हैं, उन्हें केवल क्षणिक फल प्राप्त होते हैं।
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि त्रिदेवों की पूजा से मोक्ष नहीं मिलता। तीन देव की जो करते भक्ति, उनकी कदे न होय मुक्ति।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य दुनिया को अज्ञान परोसना बंद करो।
अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि भगवान के लिए रोने वाला तत्वदर्शी संत है।
जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में कहा गया है कि जो संत संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभागों को वेदों अनुसार बता देगा, वह तत्वदर्शी संत है।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य दुनिया को अज्ञान परोसना बंद करो।
अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि भगवान के लिए रोने वाला तत्वदर्शी संत है।
जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में कहा गया है कि जो संत संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभागों को वेदों अनुसार बता देगा, वह तत्वदर्शी संत है।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य दुनिया को अज्ञान परोसना बंद करो।
अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि भगवान के लिए रोने वाला तत्वदर्शी संत है।
जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में कहा गया है कि जो संत संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभागों को वेदों अनुसार बता देगा, वह तत्वदर्शी संत है।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य दुनिया को अज्ञान परोसना बंद करो।
अनिरुद्धाचार्य जी का कहना है कि भगवान के लिए रोने वाला तत्वदर्शी संत है।
जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 1 में कहा गया है कि जो संत संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभागों को वेदों अनुसार बता देगा, वह तत्वदर्शी संत है।
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अनिरुद्धाचार्य का कहना है कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है। जबकि यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में लिखा है कि कबीर परमात्मा पाप कर्मों का नाश करने वाला है जिससे कर्म फल नहीं भोगना पड़ता।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य का कहना है कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है। जबकि यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में लिखा है कि कबीर परमात्मा पाप कर्मों का नाश करने वाला है जिससे कर्म फल नहीं भोगना पड़ता।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य कहते हैं एकादशी का व्रत करना चाहिए।
संत रामपाल जी महाराज कहते हैं कि गीता अध्याय 6 श्लोक 16 में व्रत के लिए मना किया गया है।
और सूक्ष्म वेद में लिखा है:
प्रथम अन्न जल संयम राखे, योग युगत सब सतगुरु भाखे।।
Beware of fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य कहते हैं एकादशी का व्रत करना चाहिए।
संत रामपाल जी महाराज कहते हैं कि गीता अध्याय 6 श्लोक 16 में व्रत के लिए मना किया गया है।
और सूक्ष्म वेद में लिखा है:
प्रथम अन्न जल संयम राखे, योग युगत सब सतगुरु भाखे।।
Beware of fake Kathavachak
Fake Kathavachak
Aniruddhacharya doesn't even know the ABCs of the scriptures.
He sometimes calls 'Radha' and sometimes 'Hare Rama Hare Krishna' the mool mantras of the Vedas. First of all, he himself doesn't know which are the moksha mantras.
Factful Debates YouTube Channel.
Fake Kathavachak
Aniruddhacharya doesn't even know the ABCs of the scriptures.
He sometimes calls 'Radha' and sometimes 'Hare Rama Hare Krishna' the mool mantras of the Vedas. First of all, he himself doesn't know which are the moksha mantras.
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अनिरुद्धाचार्य जी ध्यान और योग को मोक्ष का मार्ग बताते हैं। परंतु गीता अध्याय 6 श्लोक 47 में कहा गया है कि सभी योगियों में से जो श्रद्धा से मेरी भक्ति करता है, वही मुझसे सबसे अधिक जुड़ा हुआ है। संत रामपाल जी महाराज इस श्लोक के आधार पर बताते हैं कि भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है, न कि केवल ध्यान और योग।
Fake Kathavachak
अनिरुद्धाचार्य जी ध्यान और योग को मोक्ष का मार्ग बताते हैं। परंतु गीता अध्याय 6 श्लोक 47 में कहा गया है कि सभी योगियों में से जो श्रद्धा से मेरी भक्ति करता है, वही मुझसे सबसे अधिक जुड़ा हुआ है। संत रामपाल जी महाराज इस श्लोक के आधार पर बताते हैं कि भक्ति ही मोक्ष का मार्ग है, न कि केवल ध्यान और योग।
Fake Kathavachak